जनसंख्या नियंत्रण के लिए योगी सरकार बना रही है मसौदा, दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों पर पड़ सकता है असर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के कानून को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसको लेकर विधि अयोग मसौदा तैयार करने में जुट गया है। इसमें दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी योजनाओं में मिल रही सब्सिडी में कटौती हो सकती है। साथ ही उन्हें अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश विधि आयोग के अध्यक्ष आदित्य नाथ मित्तल ने रविवार को देश में बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की और उन्हें नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की बात कही। मित्तल ने कहा कहा कि जनसंख्या विस्फोट के कारण अन्य समस्याएं पैदा हो रहीं हैं। अस्पताल, खाद्यान्न, घर और रोजगार की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

हमारा मानना ​​है कि जनसंख्या पर नियंत्रण होना चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण परिवार नियोजन से अलग है। वहीं, इस दौरान उन्होंने कहा कि ये बयान किसी समुदाय के लिए नहीं है। न ही वह नागरिकों के मानवाधिकारों को चुनौती देना चाहते हैं।

हम उत्तर प्रदेश में यह संदेश नहीं देना चाहते कि हम किसी विशेष धर्म या किसी के मानवाधिकारों के खिलाफ हैं। हम बस यह देखना चाहते हैं कि सरकारी संसाधन और सुविधाएं उन लोगों के लिए उपलब्ध हों जो जनसंख्या नियंत्रण में मदद कर रहे हैं और योगदान दे रहे हैं।

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